MaZani Zindagi
एक नजर इधर भी
Wednesday, March 1, 2017
मेरे देश की धरती, सोना उगले उगले हीरे मोती
बैलों के गले में जब घुंघरू जीवन का राग सुनाते हैं
ग़म कोस दूर हो जाता है खुशियों के कंवल मुस्काते हैं
सुनके रहट की आवाज़ें यूँ लगे कहीं शहनाई बजे
आते ही मस्त बहारों के दुल्हन की तरह हर खेत सजे,
मेरे देश ...
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